Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Mann Ki Baat कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बातें , पढ़िए पूरी ख़बर

पीएम ने लॉकडाउन के दौरान तीसरी बार जनता को 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से संबोधित किया है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले 29 मार्च और फिर 26 अप्रैल को 'मन की बात' की थी। जानिए आज के सम्बोधन की मुख्य बातें -


पीएम ने लॉकडाउन के दौरान तीसरी बार जनता को 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से संबोधित किया है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले 29 मार्च और फिर 26 अप्रैल को 'मन की बात' की थी। जानिए आज के सम्बोधन की मुख्य बातें -

Mann Ki Baat कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बातें , पढ़िए पूरी ख़बर

लॉक डाउन विस्तार के बाद UNLOCK. 1 के ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश की जनता को सम्बोधित किया। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 65वां संस्करण है। मन की बात के 64वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के कारण देश में व्याप्त स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया था और लोगों से आग्रह किया था कि वे लॉकडाउन के दौरान गरीबों, प्रवासियों और जरूरतमंदों की मदद करें।

प्रधानमंत्री मोदी ने बीते सोमवार को इस कार्यक्रम के लिए जनता से सुझाव भी मांगे थे। पीएम ने लॉकडाउन के दौरान तीसरी बार जनता को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से संबोधित किया है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले 29 मार्च और फिर 26 अप्रैल को ‘मन की बात’ की थी। जानिए आज के सम्बोधन की मुख्य बातें –

मन की बात की बड़ी बातें-

1- पीएम मोदी ने कहा कि ‘देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है. हमारी जनसंख्या ज़्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा है, फिर भी हमारे देश में कोरोना उतनी तेजी से नहीं फ़ैल सका, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला. कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी हमारे देश में काफी कम है. जो नुकसान हुआ है, उसका दु:ख हम सबको है. लेकिन जो कुछ भी हम बचा पाएं हैं, वो निश्चित तौर पर देश की सामूहिक संकल्पशक्ति का ही परिणाम है’

2- पिछली मन की बात की समय पैसेंजर ट्रेन, बसें, हवाई सेवा बंद थी। इस बार काफी कुछ खुल चुका है. श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल रही हैं, हवाई जहाज उड़ने लगे हैं. उद्योग भी धीरे धीरे चलने लगे हैं. ऐसे में हमें और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

3- देश के सभी इलाकों से महिला Self Help Group के परिश्रम की भी अनगिनत कहानियां इन दिनों हमारे सामने आ रही हैं. गांवों, कस्बों में, हमारी बहनें-बेटियां, हर दिन मास्क बना रही हैं. तमाम सामाजिक संस्थाएं भी इस काम में इनका सहयोग कर रही हैं.

4- कई दुकानदारों ने दो गज की दूरी के लिए, दुकान में बड़े pipeline लगा लिए हैं, जिसमें, एक छोर से वो ऊपर से सामान डालते हैं, और दूसरी छोर से ग्राहक अपना सामान ले लेते हैं. संकट की इस घड़ी में innovation, गांवों से लेकर शहरों तक, छोटे व्यापारियों से लेकर startup तक, हमारी labs कोरोना से लड़ाई में, नए-नए तरीके इज़ाद कर रहे हैं, नए innovation कर रहे हैं.

5- हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न हो, परेशानी में न हो और इस संकट की सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो वो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है. उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती. जो दृश्य आज हम देख रहे हैं, इससे देश को अतीत में जो कुछ हुआ, उसके अवलोकन और भविष्य के लिए सीखने का अवसर भी मिला है. आज हमारे श्रमिकों की पीड़ा में, देश के पूर्वीं हिस्से की पीड़ा को देख सकते हैं. उस पूर्वी हिस्से का विकास बहुत आवश्यक है.

6- पीएम ने कहा कि कोरोना संकट के इस दौर में, मेरी, विश्व के अनेक नेताओं से बातचीत हुई है, इन दिनों, उनकी बहुत ज्यादा दिलचस्पी योग और आयुर्वेद के संबंध में होती है. आपके जीवन में योग को बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने भी इस बार एक अनोखा प्रयोग किया है. आयुष मंत्रालय ने ‘My Life, My Yoga’ नाम से अंतर्राष्ट्रीय वीडियो ब्लॉग उसकी प्रतियोगिता शुरू की है. भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं.

7- कोरोना संकट के इस समय में योग आज इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि ये वायरस, हमारे respiratory system को सबसे अधिक प्रभावित करता है. योग में तो respiratory system को मजबूत करने वाले कई तरह के प्राणायाम हैं, जिनका असर हम लंबे समय से देखते आ रहे हैं.

8-पीएम ने कहा कि ‘बहुत से लोगों ने ये बताया है कि उन्होंने, जो जो समान उनके इलाके में मिलते हैं, उनकी पूरी लिस्ट बना ली है. ये लोग अब लोकल प्रोडक्ट्स को ही खरीद रहे हैं और वोकल फॉर लोकल को प्रमोट कर रहे हैं.’

9- हमारे रेलवे के साथ दिन-रात लगे हुए हैं. केंद्र हो, राज्य हो, स्थानीय स्वराज की संस्थाएं हो- हर कोई दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. जिस प्रकार रेलवे के कर्मचारी आज जुटे हुए हैं, वे भी एक प्रकार से अग्रिम पंक्ति में खड़े कोरोना वॉरियर्स ही हैं.

10- कहीं श्रमिकों की skill mapping का काम हो रहा है, कहीं startups इस काम में जुटे हैं, कहीं migration commission बनाने की बात हो रही है. साथ ही केंद्र सरकार ने अभी जो फैसले लिए हैं उससे गांवों में रोजगार, स्वरोजगार और लघु उद्योग से जुड़ी विशाल संभावनाएं खुली हैं.

Post a Comment

0 Comments